Car T Cell Therapy: क्या है, कैसे होती है, फायदे, नुकसान, थेरेपी फेल हो जाए तो क्या होगा?

Car T cell therapy: जैसे कि हम सभी जानते हैं कि कैंसर को एक ला इलाज बीमारी माना जाता है जिसके लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक एक इलाज खोजने के लिए प्रयास करने में कार्यरत थे और हैं। इसके साथ भारत के वैज्ञानिक भी इसी खोज के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।

Car t cell therapy
Car t cell therapy in hindi

2015 में अलका द्विवेदी उस समय भारत की प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी की स्नातक छात्रा थी सोचने लगी कि क्या भारत में Car T cell therapy रक्त कैंसर के इलाज के लिए बनाई जा सकती है?

सी ए आर टी सेल थेरेपी एक प्रकार की इम्यूनोथेरेपी होती है जिसमें किसी व्यक्ति की कैंसर कोशिकाओं को चुनिंदा रूप से करने के लिए प्रयोगशाला में टेस्ट किया जाता है।

वैसे तो सी ए आर टी सेल थेरेपी ल्यूकेमिया और लिंफोमा जैसे रक्त कैंसर के लिए उपचार होता है लेकिन उनके कई गंभीर दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं और इसके उपयोग के लिए बहुत ही ज्यादा कुछ कीमत की उम्मीद लगाई जा सकती है।

क्योंकि यह थैरेपी बहुत महंगी थी और इसको किया जाना थोड़ा मुश्किल काम था इसीलिए डॉक्टर द्विवेदी (2021 में पीएचडी हासिल की) ने अपने सहयोगी साथियों के साथ मिलकर मुंबई में मेमोरियल सेंटर से लेकर बेथेस्डा,

मैरीलैंड में नेशनल इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ (एन आई एच) तक सी Car T cell therapy डिजाइन करने की कल्पना की, जिसका भारत जैसे निम्न और मध्यम आय वाले लोगों के लिए उत्पादन किया जा सके और उनके पूरे देश में कैंसर से पीड़ित लोगों की जरूरत को पूरा किया जा सके।

इसी दौड़ में उन्होंने एन आई एच क्लिनिक सेंटर में एनसीआई के सेंटर फॉर कैंसर रिसर्च में अग्रणी और उत्तम विशेषज्ञों की सहायता ली। और एनसीआई वैज्ञानिकों द्वारा प्रदान किया गया प्रशिक्षण उनके रिसर्च के लिए एक उपलब्धि अमूल्य साबित हुई जिसे भारत में उचित लागत पर निर्मित किया जा सकता है और भारत के कैंसर से पीड़ित मरीज की जरूरत को पूरा किया जा सकता है।

अक्टूबर 2023 में भारत को एफडीए द्वारा मंजूरी मिली इसलिए केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने NexCAR 19 को भारत की पहली CAR-T सेल थेरेपी बनाई।

Car T cell therapy क्या है?

Car ( काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर) एक आर्टिफिशियल रिसेप्टर है जिन्हें कैंसर कोशिकाओं में पाए जाने वाले प्रोटीन या एंटीजन को पहचानने के लिए प्रतिरक्षा प्रणाली में टी कोशिकाओं के लिए जरूरी श्वेत रक्त कोशिकाओं को पुनः प्रोग्राम किया जाता है।

Car T cell therapy सेल थेरेपी का एक रूप होता है जो मरीज के कैंसर से लड़ने के लिए जो शरीर की टी कोशिकाओं प्रतिरक्षा प्रणाली का उपयोग करती है।

इस कैंसर उपचार प्रक्रिया में विशेष कैंसर कोशिकाओं को पहचाना जाता है और उनको खत्म करने के लिए शरीर की टी कोशिकाओं- प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी श्वेत रक्त कोशिकाओं को पुन निर्देशित किया जाता है।

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Car T Cell थेरेपी कैसे होती है?

सी ए आर थेरेपी करने से पहले कुछ तैयारी की जाती हैं जो नीचे सूचीबद्ध की गई है:

सी ए आर टी सेल थेरेपी से पहले की तैयारी

रोगी का मूल्यांकन

इस प्रक्रिया में सबसे पहले रोगी का स्वास्थ्य चिकित्सा इतिहास, समग्र स्वास्थ्य इतिहास, विशिष्ट कैंसर विशेषताओं का अच्छे से गहरा और प्रभावी checkup किया जाता है।

T कोशिकाओं का संग्रह

एक मरीज की टी कोशिकाओं को luciferosis नामक प्रक्रिया के माध्यम से खून से निकाल कर इकट्ठा किया जाता है।

कोशिका संशोधन

इसके बाद इस प्रक्रिया में सी ए आर को व्यक्त करने के लिए एकत्रित की गई कोशिकाओं को प्रयोगशाला में एक बिना नुकसान पहुंचे वायरस का उपयोग करके संशोधित किया जाता है ताकि वह सभी जीव पेश हो सके जो उनकी सतह पर सीए रिसेप्टर एन्कोड करते हैं।

कोशिका विस्तार

इसके बाद संशोधित कोशिकाओं को थैरेपीयूटिक इस्तेमाल के लिए पर्याप्त मात्रा में उनकी संख्या को बढ़ाने और गुणा करने के लिए कोशिकाओं का विस्तार किया जाता है।

सी ए आर टी थेरेपी तैयारी के बाद

विस्तारित कोशिकाओं को रोगी में पुनः प्रवाहित करना

अब जब इन इंजीनियरड Car T cell की पर्याप्त संख्या प्राप्त हो जाती है तब उन्हें रोगी के रक्त प्रभाव में पुनः प्रवाहित किया जाता है क्योंकि यह सी ए आर टी कोशिकाएं अब उन विशिष्ट कैंसर कोशिकाओं को पहचानने के लिए सक्षम हो जाती हैं जिन पर हमला करने के लिए उन्हें इंजीनियर किया गया था।

कोशिकाओं का लक्ष्यकरण और विनाश

यह संशोधित की गई की कोशिकाएं कैंसर कोशिकाओं पर मौजूद विशिष्ट प्रोटीन और एंटीजन को पहचानने या लक्षित करने में मदद करती हैं। अब यह कोशिकाएं सक्रिय हो जाती हैं, जिससे प्रतिरक्षा प्रक्रिया शुरू हो जाती है और कैंसर कोशिकाएं नष्ट होने लगती है।

इंजीनियर कोशिकाओं की वृद्धि और स्मृति

इन कोशिकाओं में से कुछ इंजीनियर कोशिकाएं शरीर में वृद्धि करती हैं और यह स्मृति कोशिकाओं के रूप में शरीर में बनी रहती हैं जिससे यह memory cells शरीर में लगातार निगरानी प्रदान कर सकती है और कैंसर दोबारा होने की संभावना को कम कर सकती है।

सी ए आर टी सेल थेरेपी के लाभ (Car T cell therapy benefits in hindi)

प्रभावी उपचार

Car T cell therapy ने रक्त कैंसर जैसे ल्यूकेमिया और लिंफोमा के कुछ रूपों के इलाज में बेहतर सफलता प्राप्त की है क्योंकि कई नैदानिक परीक्षणों ने सफलता की झंडी दी है यहां तक कई रोगी इससे ठीक भी हो चुकें हैं जिन्हें कीमोथेरेपी और विकिरण जैसे उपचारों से कोई खास प्रतिक्रिया नहीं मिली थी।

लक्षित उपचार

यह एक लक्षण उपचार है जिनमें इन T cells को स्वस्थ कोशिकाओं को बचाते हुए कैंसर कोशिकाओं को सही रूप से लक्षित करने के लिए प्रोग्राम किया जाता है जिससे अक्सर पारंपरिक उपचारों से जुड़े खतरे कम हो जाते हैं।

रोगियों की जीवन की गुणवत्ता में सुधार

जिन रोगियों ने इस लक्षण उपचार को लिया है उन्हें कैंसर की पुनरावृत्ति जैसी संभावना से मुक्ति के लिए लंबे समय तक की छूट मिली है जिससे उन रोगियों को जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार मिलता है।

विभिन्न अनुप्रयोगों की संभावना

सी ए आर टी सेल थेरेपी का उपयोग केवल विशेष प्रकार की कैंसर तक ही सीमित नहीं है इसके लिए कई ऐसी शोध चल रहे हैं जो विभिन्न प्रकार के ठोस ट्यूमर के इलाज में इसकी क्षमताओं की खोज कर रहे हैं यहां तक की विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज के लिए इसकी प्रभावशीलता की बढ़ती हुई संभावना का विस्तार करने में लगे हैं।

बेहतर जीविका दर

इस थेरेपी का एक अन्य लाभ है कि जब कई नैदानिक परीक्षणों ने आशा जनक परिणाम दिखाएं हैं तब सी ए आर टी लेने वाले मरीजों की जीवित रहने की दर में काफी वृद्धि हुई है। इस निष्कर्ष से कैंसर के प्रबंधन और इलाज के तरीकों में उल्लेखनीय फायदे मिलने का संकेत मिलता है।

सी ए आर टी सेल थेरेपी संभावित नुकसान या दुष्प्रभाव (Car T cell therapy side effects in hindi)

हालांकि सी ए आर टी सेल थेरेपी के बहुत से लाभ है लेकिन इसकी कुछ संभावित चुनौतियों भी हैं जिन पर काबू पाना होगा जैसे:

ठोस ट्यूमर में इसकी प्रभावकारिता को अनुकूलित करना

Car T cell therapy के समक्ष ठोस ट्यूमर जैसी स्थितियों में इसकी प्रभावकारिता को अनुकूलित करने की अभी क्षमताएं पूरी तरह से विकसित नहीं हुई है यह इसके सामने एक चुनौती है जिसके लिए वैज्ञानिक शोध पर लगे हैं ताकि यह ठोस ट्यूमर जैसी विविध अनुप्रयोग में इसकी प्रभावकारिता को अनुकूलित कर सके।

अत्याधुनिक उपचार में उच्च लागत

यह थेरेपी अन्य थेरेपी योग की तरह ही लागत में बहुत उच्च है इसकी अत्याधुनिक उपचार में प्रत्येक मरीज की 3 से 4 करोड़ की उच्च लागत है जिसे निम्न और मध्यम आय वाले कैंसर से ग्रसित मरीजों की जरूरत को पूरा करने में मुश्किल होगी।

इस तकनीक की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसकी लागत प्रभावी तरीके से विकसित करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए इसे उपलब्ध कराना है अभी संभव नहीं है हालांकि भविष्य में इसे और ज़्यादा विकसित करने और इसकी कीमत सभी के हिसाब से तय करने पर काम जारी है।

न्यूरोलॉजिकल स्थितियों में अनुपयोगी साबित

रोगियों में पहले से ही मौजूद कुछ न्यूरोलॉजिकल स्थितियां रोगी की Car T cell therapy में जटिलताएं पैदा कर सकती हैं। जिससे प्राप्त होने वाले संभावित लाभ दुष्परिणाम में तब्दील हो सकते हैं।

गंभीर अंग की शिथिलता वाले अनुपयुक्त उम्मीदवार

इस थेरेपी के लिए गंभीर अंग की शिथिलता वाले रोगी उपयुक्त उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं जिसके कारण वह इस थेरेपी का लाभ उठाने में असमर्थ हो सकते हैं।

सक्रिय संक्रमण

इस प्रक्रिया के दौरान पहले से ही सक्रिय संक्रमण से ग्रसित रोगी जटिलताओं का खतरा पैदा कर सकते हैं जिससे इस थेरेपी में बाधा उत्पन्न हो सकती है।।

अगर Car T cell therapy फेल हो जाए तो क्या होगा?

कई कैंसर उपचारों की तरह सी ए आर टी सेल थेरेपी हमेशा बीमारी को खत्म नहीं करती है और उपचार के बावजूद भी केसर रोगी के शरीर में बड़ी संख्या में विकसित हो सकता है।

और अगर यह थैरेपी फेल हो जाती है तो कैंसर को बढ़ने से रोकने के लिए उपचार के नियम अभी तक निर्धारित नहीं किए गए हैं लेकिन कुछ उपचारों ने सीमित सफलता दिखाई है जिसमें शामिल हैं

  1. सी ए आर टी सेल इन्फ्यूजन अगर यह थैरेपी फेल हो जाए तो एक उपचार जो डॉक्टर बता सकते हैं वह है दूसरा सी ए आर टी सेल इन्फ्यूजन।

अमेरिका के एक प्रकाशन ब्लू नेशन 2021 में एक अध्ययन प्रकाशित किया, जिसमें सी ए आर टी सेल थेरेपी के दूसरे या इन्फ्यूजन की प्रभावशीलता की जांच की गई थी जिसमें यह परिणाम मिला कि कुछ रोगियों के लिए CD19 CAR-T कोशिकाओं का दूसरा संक्रमण होने की संभावना थी और इसे एक टिकाऊ प्रतिक्रिया मिली।

  1. Bispecific antibody दूसरा Car T थैरेपी फेल हो जाए तो एक अन्य संभावना “बिस्पेसिफिक एंटीबॉडी”का इस्तेमाल किया जाता है।

इन एंटीबॉडीज में आमतौर पर दो रिसेप्टर होते हैं जिनमें ज्यादातर एक रिसेप्टर को टी सेल से और दूसरे को कैंसर सेल से जोड़ने के लिए डिजाइन किया जाता है।

यह विशिष्ट antibodies हथकड़ी की एक जोड़ी के रूप में काम करती हैं जो दो कोशिकाओं को एक साथ लाने का काम करती है जिसे टी कोशिकाओं के लिए कैंसर कोशिकाओं को पहचानने और उन पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

FAQs:

Q. टी सेल थेरेपी किसके लिए प्रयोग की जाती है?

Blood cancer के लिए।

Q. सीएआर टी सेल थेरेपी से किन कैंसर का इलाज किया जाता है?

ब्लड कैंसर का इलाज।

Q. कैंसर सेल थेरेपी क्या है?

जब कैंसर को शरीर में मौजूद सेल्स के द्वारा ठीक किया जाता है तो इसके लिए सेल थेरेपी होती है जिसमें शारीरिक कोशिकाओं के द्वारा कैंसर के सेल्स को खत्म किया जाता है।

Q. कार टी सेल थेरेपी से ठीक होने में कितना समय लगता है?

यह थैरेपी करवाने के बाद मरीज को ठीक होने में दो से तीन महीने लग सकते हैं।

Saniya Qureshi is a Health and Beauty writer, senior consultant and health educator with over 5 years of experience.

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