Nipah Virus in India 2023 in Hindi – Latest update (Nipah Virus के लक्षण और बचाव के तरीके)

केरल में NIPAH VIRUS के बहुत सारे cases देखे जा रहे हैं जिसके चलते वहां पर स्कूल कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों को कुछ समय के लिए बंद भी कर दिया गया है ऐसा इसलिए है क्योंकि यह वाइरस बहुत खतरनाक है ऐसा माना जा रहा है कि निपाह कोरोनावायरस से ज्यादा खतरनाक हो सकता है।

क्योंकि कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या केवल 1-2 % थी जबकि महानिदेशक राजीव बहस का कहना है nipah virus से मरने वालों की संख्या 40% से 50% हो सकती है।

क्यों है निपाह कोरोनावायरस से ज्यादा खतरनाक?

NIPAH virus in India
Nipah virus in India 2023 in hindi

NIPAH वायरस कोरोनावायरस से ज्यादा खतरनाक साबित हो सकता है यदि यह भारत के अन्य हिस्सों में भी फैल जाता है हालांकि अभी यह केवल केरल में ही पाया गया है लेकिन ऐसी संभावना जताई जा रही है यदि इस पर अभी काबू न पाया गया तो यह बहुत ज्यादा आतंक मचा सकता है।

केरल में अभी तक 1080 के लगभग निपाह वायरस के case आ चुके हैं जिसमें 327 स्वास्थ्य कर्मी शामिल है 1080 में से 626 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

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निपाह वायरस केरल में क्यों है?

भारत में सबसे ज्यादा बुरा हाल निपाह वायरस से केरल में ही पाया जा रहा है पिछले 5 साल से 4 बार यह वाइरस केरल में फैल चुका है इसका मुख्य कारण केरल में मौजूद चमगादड़ों को माना गया है।

हालांकि इसके बारे में सटीक जानकारी अभी तक प्राप्त नहीं की गई है लेकिन ऐसा माना जाता है कि केरल के चमगादड़ों की वजह से यह वायरस बाहर देश से केरल में आया है और इसीलिए यह केरल में ज्यादा फैलता है।

निपाह का प्रकोप क्या है?

अब आपके मन में यह सवाल जरूर होगा कि निपाह वायरस है क्या? और यह है क्यों फैल रहा है? तो चलिए इस बारे पर विस्तार से बात करते हैं।

NIPAH VIRUS एक वायरल संक्रमण है क्योंकि यह मलेशिया के निपाह गांव से आया है इसलिए इसका नाम भी निपाह वायरस है सबसे पहले यह वाइरस मलेशिया में 1998 से 99 में पाया गया था और उस समय वहां पर मृत्यु दर बहुत ज्यादा थी।

यह इस तरह का वायरस है जो इंसान को गंभीर रूप से बीमार बनता है धीरे-धीरे उसके शरीर को कमजोर कर देता है और यदि इसका इलाज न किया जाए तो इसके कारण व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है।

निपाह वायरस कैसे फैलेगा?

यह वायरस मुख्यता जानवरों से इंसानों में फैला है इसके अलावा यह इंसानों से दूसरे इंसान में भी फैल सकता है यदि इस संक्रमण के लक्षण हल्के होते हैं तो यह जल्दी से काबू किया जा सकता है लेकिन गंभीर लक्षण होने पर इस वायरस का इलाज करना मुश्किल हो जाता है।

निपाह वायरस के लक्षण (Nipah virus ke lakshan in hindi)

निपाह वायरस के कई सारे लक्षण हो सकते हैं जिसमें कुछ इस प्रकार हैं-

सिर दर्द:

सिर दर्द इसका एक सामान्य लक्षण है जो निपाह वायरस के मरीज को हो सकता है यह इस वायरस का प्रारंभिक लक्षण माना जाता है।

बुखार:

इस वायरस का एक लक्षण बुखार भी होता है जिन लोगों को निपाह वायरस का संक्रमण होता है उन्हें तेज बुखार रहता है।

थकान रहना:

थकान भी निपाह वायरस का एक लक्षण है जिसमें मरीज को बहुत ज्यादा थकान महसूस होती है।

उल्टी होना:

इस संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति को बार-बार उल्टी की शिकायत रहती है उसका खाना ठीक से बच नहीं पता और शरीर कमजोर हो जाता है।

मांसपेशियों में दर्द रहना:

मांसपेशियों में दर्द महसूस होना भी इसका एक लक्षण होता है ऐसे में संक्रमण से ग्रसित व्यक्ति बहुत ज्यादा मांसपेशियों का दर्द महसूस करता है।

भ्रम होता है:

जैसे-जैसे संक्रामक शरीर को जकड़ता करता है यानी शरीर में फैलता है और व्यक्ति को बीमार बनता है वैसे-वैसे व्यक्ति को मानसिक भ्रम होने लगता है तो मानसिक भ्रम इसका एक लक्षण है।

चक्कर आना:

संक्रमण के कारण चक्कर आने की शिकायत भी रहती है जिसके कारण व्यक्ति बहुत ज्यादा समय तक सही महसूस नहीं कर पाता, उसे बार-बार चक्कर आते हैं।

सांस लेने में समस्या:

निपाह संक्रमण के मरीज को सांस लेने में समस्या का सामना करना पड़ सकता है इस संक्रमण से ग्रसित व्यक्तियों में सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण देखे जा रहे हैं।

दौरा पड़ने लगते हैं:

जिन लोगों को निपाह संक्रमण बुरी तरह से अपने आगोश में ले लेता है ऐसे लोगों को तंत्रिका संबंधी समस्याओं की वजह से दौरे भी पड़ने लगते हैं।

कोमा:

इसका सबसे ज्यादा गंभीर लक्षण कोमा में चले जाना है जो व्यक्ति इस संक्रमण से बुरी तरह से संक्रमित हो जाता है वह कोमा में भी जा सकता है।

कौन से लक्षण सबसे ज्यादा देखे जाते हैं।

अभी केरल में जिन लोगों को निपाह वायरस हो रहा है उनमें दो तरह के लक्षण बहुत ज्यादा पे जा रहे हैं।

पहला: सिर दर्द मरीज जो निपाह वायरस से ग्रसित हो जाते हैं उन्हें बहुत तेज सिर दर्द की शिकायत रहती है यह सबसे सामान्य लक्षण है।

दूसरा: निपाह वायरस का एक सबसे ज्यादा पाया जाने वाला लक्षण बुखार है जिन लोगों को यह वायरस हो रहा है उनमें तेज बुखार पाया जाता है यह आमतौर पर 3 से 14 दिन तक बना रहता है।

क्या निपाह वायरस की कोई दवा है?

डॉक्टर का कहना है कि nipah virus के लिए अभी कोई विशेष या स्पेशल रूप से एंटीवायरस उपचार उपलब्ध नहीं है हालांकि देखभाल उपचार के जरिए इस संक्रमण को काबू किया जा सकता है।

इसके उपचार के लिए मरीज को अस्पतालों में भर्ती किया जाता है तथा उन्हें उचित देखभाल के जरिए एंटीबायोटिक दवा द्वारा इलाज करके ठीक किया जा रहा है।

निपाह वायरस कितने समय तक जीवित रहता है?

nipah virus सुखे स्थान पर निष्क्रिय हो जाता है यह वायरस pH 3 से 11 तक के स्थान पर 1 घंटे तक जीवित रह सकता है इसके अलावा चमगादड़ के मूत्र में, फलों के रस में और आम की सतह पर कई दिनों तक जिंदा रह सकता है।

निपाह इंसान से इंसान में कैसे फैलता है?

यह वाइरस ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करने से हो सकता है जो जानवरों के शरीर के संपर्क में आए हों जैसे की ताड़ का रस।

इंसानों से इंसानों में निपाह वायरस फैलने के यह कारण हो सकते हैं जैसे संक्रमित व्यक्ति के छींकने पर जो लोग इसके संपर्क में आते हैं उन्हें यह संक्रमण हो सकता है इसके अलावा संक्रामक व्यक्ति के खून, रक्त, मूत्र और नाक के मार्ग से आने वाले वायरस की वजह से दूसरे व्यक्ति को यह संक्रमण हो सकता है।

निपाह से बचने के लिए क्या करें? (Nipah virus treatment)

Nipah virus से बचने के लिए कुछ सावधानियां जिसे अपनाने से वायरस से बचा जा सकता है…

किसी भी तरह के वायरस से बचने के लिए जरूरी है कि हम अपने हाथ साफ रखें उसके लिए बार-बार हाथों को साबुन से धोते रहना चाहिए।

इसके अलावा दूसरे व्यक्तियों के संपर्क में आने से बच्चे यानी सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें क्योंकि इस समय वायरस बहुत ज्यादा फैल रहे हैं ऐसे में हमें खुद को सुरक्षित रखने के लिए दूसरों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

यदि आपके घर में किसी को निपाह वायरस के लक्षण महसूस होते हैं तो तुरंत उसे डॉक्टर को दिखाएं और सही समय पर इलाज लें।

यानी किसी भी तरह के लक्षण को नजरअंदाज ना करें नहीं तो भविष्य में यह बुरी तरह से प्रभावित कर सकता है।

दूसरों का झूठा खाने से बचें फिर चाहे वह इंसान हो या जानवर क्योंकि यह वाइरस जानवरों से भी फैल सकता है।

बाहर से किसी भी फल सब्जी को लाने के बाद उसे नमक के पानी में अच्छे से भिगोकर रखें और फिर साफ करके धोना चाहिए उसके बाद ही खाएं।

खुद को साफ रखें रोज नहाए ऐसा करने से आपको यह संक्रमण होने की संभावना नहीं रहती।

अगर आपको खुद में निपाह का कोई भी लक्षण दिखे तो डॉक्टर से सलाह लें।

Saniya Qureshi is a Health and Beauty writer, senior consultant and health educator with over 5 years of experience.

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