Health and hygiene in hindi

Health and hygiene : Health and hygiene दोनों ही पहेलू हमारे जीवन में बहुत जरूरी है अगर हम खुद को स्वच्छ रखें तो हमारा स्वास्थ्य भी हमेशा स्वस्थ बना रहेगा।

स्वच्छता व्यक्ति को निरोगी और हाइजीन लाइफस्टाइल प्रदान करती है जिससे व्यक्ति एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित होता है।

Health and hygiene in hindi

अगर हम खुद को अपने आसपास के लोगों तथा अपने देश को बीमारियों से बचाए रखना चाहते हैं तो हमें चाहिए कि हम अपनी और अपने आसपास की पूरी सफाई रखें, ऐसा करने से हम खुद को और अपने देश को स्वच्छ व स्वस्थ बनाने में योगदान दे सकते हैं।

अच्छी हेल्थ पाने के लिए स्वच्छता आवश्यक है जैसा कहा जाता है स्वस्थ शरीर में स्वस्थ मस्तिष्क का वास होता है तो इसके लिए जरूरी है कि हम अपने शरीर को साफ रखें।

क्योंकि जीवन में यदि हमारी हेल्थ सही नहीं है तो हम अपने जीवन को इंजॉय नहीं करते ना ही जिंदगी में अपने लक्ष्य पर पूर्ण रुप से ध्यान दे सकते हैं।

इसलिए खुद की सफाई तथा अपने आसपास की सफाई का से मुख्य रूप से ख्याल रखना चाहिए।

खुद को Healthy क्यों रखें?

• खुद को हेल्थी रखकर हम अपने जीवन को मनचाहे और बेहतर तरीके से इंजॉय कर सकते हैं जबकि अनहेल्दी व्यक्ति अपने मन के हिसाब से नहीं थी पाता। बस अपना जीवन काटता रहता है।

• जीवन काटना और जीवन को जीने में अंतर होता है जब हम दूसरों के हिसाब से तथा दूसरों के अनुसार अपना जीवन जीते हैं तो उसका मतलब है कि हम अपना जीवन काट रहे हैं।

• यदि हम अपने अनुसार अपनी मर्जी से अपना जीवन खुशी से बिताते हैं उसका मतलब है हम बेहतर जीवन जी रहे।

• लेकिन हम अपना जीवन तब सही मायने में बेहतर तरीके से जी सकते हैं जब हम स्वस्थ हो इसीलिए हेल्दी रहना अति आवश्यक है।

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Hygiene का मतलब क्या है?

हाइजीन का अर्थ है सफाई। खुद तथा अपने रहने की जगह को साफ रखना सफाई हमारी हेल्थ से जुड़ी है यदि हेल्थ को स्वस्थ बनाए रखना है तो हाइजीन रहना बेहद आवश्यक है।

Hygiene को हम दो तरह से समझ सकते हैं।

आंतरिक Hygiene

आंतरिक हाइजीन से तात्पर्य हम क्या खाते हैं इससे हैं यदि हम स्वच्छ खाएंगे तो स्वस्थ रहेंगे जिसके लिए ना केवल भोजन साफ होने चाहिए बल्कि खाने की चीजें हेल्दी भी होने चाहिए।

यानी ऐसा भोजन ग्रहण करना जिसमें अधिक मात्रा में तेल ना हो ज्यादा मात्रा में मसाले ना हो तथा जिससे हमारे स्वास्थ्य को नुकसान ना पहुंचे।

बाहरी Hygiene

बाहरी हाइजीन का मतलब होता है शरीर को स्वच्छ रखना अपने बालों को, दांतों को साफ रखना, स्वच्छ कपड़े पहनना समय-समय पर हाथ धोना इत्यादि।

मानसिक व सामाजिक स्वच्छता।

स्वच्छता हमें सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी रखनी जरूरी है उसके लिए हमें खुद को नई-नई जानकारी से अवगत कराते रहना चाहिए।

सामाजिक स्वच्छता रखना भी हमारा कर्तव्य है उसके लिए हमें समाज में कुरीतियों का विरोध करना आवश्यक है तथा सही बातों को बढ़ावा देने के लिए आवाज उठाना भी जरूरी है।

स्वच्छता केवल शारीरिक ही नहीं होती, मानसिक व सामाजिक स्वच्छता भी हमारी हेल्थ को प्रभावित करती है इसलिए खुद को शारीरिक रूप से ही नहीं मानसिक व सामाजिक भी स्वच्छ रखें।

पर्यावरण की स्वच्छता।

हमारे स्वास्थ्य को पर्यावरण भी प्रभावित करता है इसीलिए पर्यावरण को स्वच्छ रखना अभी जरूरी है पर्यावरण की स्वच्छता के लिए हमें अपनी ओर से तो कार्य करने चाहिए तथा समाज को भी पर्यावरण की स्वच्छता के लिए जागरूक करना हमारा कर्तव्य है।

पर्यावरण की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए जरूरी है कि हम –

• पेड़ पौधे लगाए।

• पेड़ों की कटाई को रोकने में योगदान दे।

• नदियों को साफ रखें।

• हवा को दूषित ना करें।

• सरकारी स्थल साफ रखें।

• खुले में शौच ना करें।

Health and hygiene का उद्देश्य क्या है?

हाइजीन का उद्देश्य हमें शारीरिक मानसिक रूप से स्वच्छ रखकर स्वास्थ्य को बेहतर व निरोगी बनाएं रखना है।

खराब स्वास्थ्य ना केवल किसी एक के लिए बल्कि सभी के लिए एक चुनौती होती है जिससे व्यक्ति खुद के जीवन को बेबसी में जीने के लिए मजबूर होता है अपने किसी भी अवसर को पूर्ण रूप से इंजॉय नहीं कर पाता।

अतः स्वच्छता हमारी स्वास्थ्य की चाबी है जो हमें हमेशा फुर्तीला निरोगी और बेहतर जीवन प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण है।

Health And Hygiene का महत्व।

Health and hygiene का महत्व हमें समझना चाहिए क्योंकि healthy जीवन जीने का सही तरीका स्वस्थ रहना है यदि हम खुद को स्वच्छ नहीं रख सकते तो हम स्वस्थ नहीं रह सकते हैं।

• स्वच्छता हमारा बेहतर विकास करती है।

• स्वस्थ और मनचाहा जीवन जीने में सहायता करती है।

• बीमारियों से बचाती है।

• बच्चों की ग्रोथ को सकारात्मक रूप से प्रभावित करती है।

अर्थात हमारे जीवन में स्वच्छता का बहुत महत्व है यदि हम अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना चाहते हैं तो हमें सफाई पर विशेष गौर करना होगा और अपनी हर तरह की स्वच्छता को नियमित रूप से बनाए रखने में कार्य करते रहना होगा।

Hygiene का health पर क्या प्रभाव पड़ता है?

हमारे गंदे वातावरण के कारण अधिकतर बीमारियां पनपती हैं और हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करने का कारण बनती हैं।

इसलिए स्वच्छता बनाए रखना अति आवश्यक है अच्छा जीवन जीने की चाह रखने वाले व्यक्ति को सबसे पहले स्वच्छ माहौल बनाने पर ध्यान देना जरूरी है।

स्वच्छ वातावरण हमें हमेशा बेहतर सकारात्मक हेल्थ और जीवन प्रदान करता है व हमारी कार्य क्षमता को भी बेहतर बनाती है।

हाइजीन का हमारी हेल्प पर बहुत गहरा असर पड़ता है हाइजीन रहकर ना केवल हम निरोगी जीवन का मजा लेते हैं अपने हर पल को महसूस करके अपनी क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

Hygiene कितने प्रकार की होती है?

Hygiene के निम्न types हो सकते हैं।

1) Personal hygiene (व्यक्तिगत स्वच्छता।)

व्यक्तिगत हाइजीन से तात्पर्य है खुद की स्वच्छता अपने आप को शारीरिक व मानसिक दोनों रुप से हमेशा साफ रखने को व्यक्तिगत स्वच्छता कहते हैं।

व्यक्तिगत स्वच्छता में ना केवल रोज नहाना, साफ कपड़े पहनना आता है बल्कि अपने बालों को साफ रखना, अपने चेहरे को साफ रखना, खुद को फिट रखना भी आता है एक स्वस्थ और स्वच्छ व्यक्ति दूसरों पर आकर्षण डालता है।

इसलिए अगर आप बहुत ज्यादा मोटे हो और बहुत ज्यादा पतले हो तो इसका मतलब यह है कि आप खुद को केवल बाहरी रूप से ही स्वच्छ रखते हैं आप अपने आंतरिक स्वच्छता से सचेत नहीं हैं।

यदि आप अपने आपको बाहरी और आंतरिक रूप से स्वच्छ रखें तो आप स्वस्थ जीवन जीने के साथ-साथ एक अट्रैक्टिव लाइफसइल भी जीते हैं।

व्यक्तिगत स्वच्छता में रोज कुछ देर एक्सरसाइज योगा करने का भी समय निकालें। क्योंकि यह भी हमारे स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित है।

एक्सरसाइज करने से हम अपने मानसिक शारीरिक हेल्थ को स्वस्थ बनाते हैं व इसीलिए दैनिक सफाई में व्यायाम भी शामिल होना चाहिए।

2) Domestic hygiene (घरेलू सफाई )

घरेलू सफाई रखकर ही हम अपनी व्यक्तिगत सफाई को बरकरार रख सकते हैं यदि हम अपने आप साफ रखें और अपने घर को स्वच्छ ना रखें तो हम वाकई स्वच्छ नहीं है।

Health and hygiene in hindi

घरेलू सफाई केवल गृहणी का काम नहीं है हमें व्यक्तिगत स्तर पर अपनी सफाई रखने के साथ-साथ अपने घर की सफाई की जिम्मेदारी भी समझनी चाहिए।

3) Food hygiene (खाने से संबंधित सफाई)

जैसा कि हमने ऊपर समझाया है कि केवल बाहरी सफाई ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि हमारी आंतरिक सफाई भी जरूरी है जिसके लिए हमें खुद को आंतरिक रूप से साफ रखना होगा।

अपनी अंदरूनी सफाई बरकरार रखने के लिए हमें अच्छा खाना खाने की आदत डालनी चाहिए तथा हमेशा घर का खाना और हेल्दी खाना अपनी डाइट में शामिल करें।

4) Medical hygiene (चिकित्सीय सफाई)

यदि हमें कोई मेडिकल कंडीशन है और हम किसी तरह की दवाई ले रहे हैं या पट्टी बांधते हैं इसी अवस्था में भी हमें स्वच्छता बनाए रखने की जरूरत है।

दवाई खाने के लिए बर्तन निकालें हाथों में निकाल कर दवाई खाने से हाथों पर लगे जर्म्स शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।

यदि कोई चोट लगी है और आप उस पर पट्टी बांध रहे हैं तो पहले चोट को अच्छे से डिटॉल की सहायता से उसकी अच्छे से सफाई करें उसके उपरांत सील पट्टी बांधे।

5) Out door hygiene. (घर से बाहर की सफाई)

घरेलू सफाई व व्यक्तिगत सफाई के अलावा हमें बाहरी सफाई पर भी जोर देने की आवश्यकता है।

जब भी हम बाहर जाते हैं तो हमें यह ध्यान रखना आवश्यक है कि हमें खुद को स्वस्थ बनाए रखना है ताकि हम बीमारियों से बचे रहें।

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Health and hygiene की जरूरत क्यों है?

हेल्थ और हाइजीन एक दूसरे पर निर्भर करते हैं यदि हम स्वच्छ है तो हम स्वस्थ रहने के लिए काम कर सकते हैं और अगर हम स्वच्छ है तो हम स्वस्थ रह सकते हैं यानी स्वच्छता स्वास्थ्य में गहरा संबंध है।

हेल्दी रहने के लिए हाइजीन रहने की जरूरत है क्योंकि –

1.बीमारियों से बचाव के लिए।

स्वच्छता बनाए रखने से बैक्टीरिया वायरस फैलने की संभावना कम हो जाती है जिससे बीमारियां होने के जोख़िम भी कम हो जाते हैं।

क्योंकि हम अपनी दिनचर्या में बहुत से ऐसे काम करते हैं जिससे हमारी स्वच्छता प्रभावित होती हैं जैसे टॉयलेट का इस्तेमाल करना, जानवरों को बार-बार छूना, घर में सफाई करना इत्यादि।

इन सभी चीजों के संपर्क से स्वच्छता नहीं रहती, इसीलिए इन सभी चीजों के इस्तेमाल के बाद हमें खुद को पुनः स्वच्छ बनाएं रखने के लिए स्वच्छता नियम को फॉलो करना चाहिए।

2. स्वच्छता से आत्मविश्वास बढ़ता है।

स्वस्थ शरीर ना केवल आपको अच्छा महसूस कराता है और आपको आरामदायक लगता है बल्कि आत्मविश्वास की भावना को भी बढ़ाता है तथा आपका मूड भी बेहतर होता है जिससे सामने वाले व्यक्ति पर आपका बेहतर इंप्रेशन पड़ता है।

3. आत्म सम्मान की भावना आती है।

स्वच्छता आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ आत्मसम्मान की भावना भी पैदा करती है आपने देखा होगा जब हमारा मूड खराब होता है और हम शावर लेते हैं तो हमें बेहतर महसूस होता है तथा हमारे अंदर ताजगी आ जाती है।

उसी तरह हमारे अंदर खुद का सम्मान भी बढ़ने लगता है हम खुद को अच्छे लगने लगते हैं तो स्वच्छता आत्म सम्मान बढ़ाने में भी सहायक होती है।

4. संक्रमण और दर्द से निजात होती है।

स्वच्छता का अभ्यास करते रहने से संक्रमण से बचाव होता है साथ-साथ हम खुद को दर्दनाक स्थितियों से सुरक्षित रख सकते हैं स्वच्छ रहने से दर्द कैसे कम हो सकता है चलिए समझते हैं।

यदि हम खुद को स्वच्छ नहीं रखेंगे और हमें बीमारियां होंगी तो जाहिर है कि दर्द महसूस होगा जैसे जुकाम होने पर सिर दर्द और शारीरिक दर्द महसूस होता है। इस तरह से हम स्वच्छता बनाए रखने से दर्द के अनुभव से बच सकते हैं।

Home hygiene घर पर स्वच्छता कैसे रखें।

स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए हमें अपने घर की साफ सफाई का मुख्य ध्यान रखने की आवश्यकता है क्योंकि यदि हमारा आवास स्थल स्वस्थ होगा तभी हम खुद को पूर्ण रूप से स्वस्थ बनाए रखने में सफल हो सकेंगे।

  • रसोई की सफाई रखें रसोई में जूते चप्पल पहन कर नहीं जाना चाहिए।
  • घर की नालियों को साफ रखना चाहिए उनमें कूड़ा नहीं छोड़ना चाहिए।
  • कूड़ा हमेशा कूड़ेदान में डालें और कूड़ेदान को ढक कर रखें।
  • समय-समय पर कूड़ेदान की सफाई करते रहें।
  • घर में फिनाइल का पौध लगाएं ताकि मच्छरों मक्खियों से फैलने वाली बीमारियों को पनपने से रोक सके।
  • कमरों की खिड़कियों को साफ रखें।
  • फ्रीज, वॉशिंग मशीन, जूसर मशीन या अन्य किसी मशीन को हमेशा साफ करते रहना चाहिए।
  • शौचालय की सफाई (pee safe) रखें।
  • बेडशीट बदलते रहे।

Outside Hygiene in hindi (बाहरी स्वच्छता।)

घर में सफाई रखने के साथ-साथ बाहर का वातावरण भी साफ और स्वच्छ रखना चाहिए, तभी हम खुद को बेहतर स्वस्थ महसूस कर सकते हैं।

आपको अपने मोहल्ले की निम्नलिखित जगहों को साफ रखना चाहिए तथा और लोगों में स्वच्छता बनाए रखने की जागरूकता को बढ़ानी चाहिए।

√ गटर और नालियां बंद होनी चाहिए।

√ घर के आसपास कूड़ा इकट्ठा ना होने दें।

√ पानी इकट्ठा न होने दें।

√ समय-समय पर कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करवाते रहें।

√ पेड़ पौधों को लगाएं।

Health and hygiene गांव और शहर।

शहरी स्वास्थ्य

शहर में हेल्थ को लेकर लोग ज्यादा सतर्क होते हैं इसीलिए खुद को स्वच्छ रखने के लिए तरीके खोजते रहते हैं तथा स्वच्छता के नियमों का पालन करते हैं लेकिन फिर भी शहर में अधिक लोग बीमार पड़ते हैं।

शहरीकरण लोगों को स्वस्थ व स्वच्छ जीवन देने में इतना प्रभावी नहीं होता क्योंकि वहां पर पर्यावरण स्वच्छता का अभाव होता है।

गांव का स्वास्थ्य

गांव में लोग स्वच्छ पर्यावरण में जीते हैं इसीलिए ऐसा माना जाता है कि गांव में लोग कम बीमार पड़ते हैं जबकि गांव में पर्यावरण तो स्वच्छ होता है।

लेकिन लोगों में स्वच्छता के नियमों को पालन करने की जागरूकता कम होती है जिस वजह से लोग स्वच्छता बनाए रखने में अधिक ध्यान नहीं देते, जो गांव में बीमारी का मूल कारण है।

गांव या शहर हर जगह अगर हेल्दी रहना है तो स्वच्छता का पालन करना अनिवार्य है।

सफाई का ध्यान ना रखकर स्वास्थ्यवर्धक लाभ पाने में सफलता मिलना मुश्किल है इसीलिए आप गांव में रहो या शहर में स्वच्छता का ध्यान रखें और अपने स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखें।

Hygien की कमी के परिणाम क्या हो सकते हैं?

पसीने की बदबू – अगर हम अपनी स्वच्छता पर ध्यान ना दें तो शरीर में पसीने के कारण बदबू पैदा हो सकती है जिससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और शरीर में खुजली इरिटेशन जलन व रेडनेस जैसी समस्याएं हो सकती हैं जिस कारण कारण बदबू आती है।

इससे बचने के लिए जरूरी है कि नियमित रूप से नहाए और अपने शरीर को साफ रखें तथा अंडर आर्म को साबुन से अच्छे से साफ करें ताकि पसीने की समस्या न हो।

पसीने की समस्या से गर्मियों में छुटकारा पाने के लिए नहाने के बाद अंडर आर्म और जहां ज्यादा पसीना आता है वहां टेलकम पाउडर का इस्तेमाल करें।

इयर वैक्स – रोजाना के एनवायरमेंट के धूल कणों के कारण कान में गंदगी जमा हो जाती है जिसे अगर निकाला ना जाए तो हमारे सुनने की क्षमता में भी कमी आ सकती है।

इस समस्या से बचने के लिए रोजाना नहाते समय साबुन व पानी से अच्छे से कान को धोएं और कान में तेल डालकर कान को रूईसे साफ करते रहे हैं।

इंफेक्शन – स्वच्छता की गलत आदत पालने की वजह से इंफेक्शन फैलने का खतरा बढ़ जाता है बैक्टीरिया पनपने लगते हैं जिससे शरीर में खुजली की दिक्कत हो सकती है।

ऐसी समस्या आम तौर पर गर्मियों में ज्यादा होती है इसलिए गर्मियों में विशेष रुप से अपने शरीर को ज्यादा स्वच्छ रखें। इसके अलावा रोज नहाते रहें और इन्फेक्शन ना हो इसके लिए एंटीसेप्टिक body wash या साबुन का इस्तेमाल करें।

आत्मविश्वास कम होने लगता है – हाइजीन की कमी के कारण अक्सर लोगों में आत्मविश्वास की कमी हो जाती है खुद को समाज से पिछड़ा हुआ मानने लगते हैं उनकी खुद के प्रति यह सोच उनके अंदर आत्मविश्वास की कमी को जागृत करती है।

जिससे अक्सर लोग अकेला रहना पसंद करने लगते हैं और समाज से खुद को अलग कर लेते हैं। ऐसी स्थिति से बचने के लिए जरूरी है कि हम अपनी व्यक्तिगत और सामाजिक स्वच्छता पर गौर करें।

डिप्रेशन और तनाव – हाइजीन की कमी से मन में हीन भावना पनपने लगती है जिस कारण व्यक्ति तनावपूर्ण स्थिति में चला जाता है मानसिक रूप से खुद को बीमार मानने लगता है।

ऐसी स्थिति में लगातार लंबे समय तक रहने से व्यक्ति डिप्रेशन का शिकार भी हो सकता है इसीलिए अपनी पर्सनल हाइजीन को अनदेखा नहीं करना चाहिए और अपने लिए स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए ताकि हम बीमारियों से दूर रहें।

जुएं – स्वछता की कमी के कारण बालों में जुएं होना भी एक समस्या है क्योंकि यदि हम अपने बालों को साफ नहीं रखेंगे तो गंदगी के कारण जुएं पनपने लगती हैं।

जुओं से छुटकारा पाने के लिए मार्केट में कई साधन उपलब्ध है जिनका इस्तेमाल करके आप अपने बालों से जुओं की समस्या को दूर कर सकते हैं।

डैंड्रफ – हाइजीन के कमी के कारण बालों में रुसी होना भी अस्वच्छता का परिणाम है यदि हम अपने बालों को साफ नहीं करते तथा बालों में सही समय पर तेल नहीं लगाते व शैंपू नहीं करते तो बालों में डैंड्रफ की समस्या होने लगती है।

डेंड्रफ बालों की जड़ों को कमजोर कर देता है जिससे बाल झड़ने लगते हैं। इसीलिए जरुरी है कि बालों को साफ रखें और नियमित रूप से बालों की देखभाल करते रहें।

बेहतर Health के लिए Hygiene tips

  • अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता नियमित फॉलो करें अपने बालों को हफ्ते में दो बार शैंपू करें और हर 15 दिन में हेयर पैक लगाएं।
  • अपनी त्वचा को साफ रखें उसके लिए फेस वॉश और जरूरी स्किन केयर प्रोडक्ट का उपयोग करें स्किन को सुंदर रखने के लिए हर 2 सप्ताह में फेशियल करने का नियम बनाएं।
  • हाथों को समय-समय पर धोते रहें। हाथ धोने के लिए हैंड वॉश या साबुन का इस्तेमाल करें।
  • दातों को भी साफ रखें रोज ब्रश करें।
  • साफ कपड़े पहने व रोज नहाएं।
  • झींकते समय मुंह को रुमाल से ढक लें।
  • नियमित रूप से नाखूनों को कांटे, व नाखूनों की सफाई रखें।
  • हाथ धोने के लिए अलग साबुन या हैंड वॉश का उपयोग करें।
  • पीरियड्स में भी सफाई रखें रोज नहाए।
  • पीरियड्स में पैड हर 2 घंटे में चेंज करें या मेंस्ट्रूअल कप का इस्तेमाल करें
  • यदि आप घर से बाहर है तो ध्यान रखें सड़कों पर कूड़ा न फैलाएं, ना ही कहीं भी थूकें।

Health and Hygiene में संबंध।

• स्वच्छता स्वास्थ्य को बीमारियों से मुक्त रखती है।

• स्वच्छ रहकर हम खुद का संक्रमण से बचाव करते हैं।

• स्वच्छता हमें सिर्फ शारीरिक रूप से नहीं बल्कि मानसिक रूप से भी सेहतमंद रखती है।

• हम जितना स्वच्छ रहेंगे हमारा स्वास्थ्य भी उतना ही स्वस्थ रहेगा।

• स्वछता हमारे अंदर पॉजिटिविटी को बढ़ाती है।

• स्वच्छ रहने से हम खुद को तनाव मुक्त रख सकते हैं।

Health and Hygiene myths in hindi (स्वच्छता मिथक)

1. रोज नहाना महत्वपूर्ण है हालांकि यह सही है कि रोज नहाना चाहिए रोज नहाने से हम खुद को स्वच्छ और स्वस्थ रख सकते हैं लेकिन यदि हम किसी दिन नहीं नहाते इसका तात्पर्य यह नहीं है कि हम स्वच्छ नहीं रह सकते।

2. पीरियड्स में नहाना नहीं चाहिए। यह बहुत ज्यादा पाया जाता है कि महिलाएं पीरियड के समय में नहाने से कतराती हैं उन्हें लगता है कि ऐसे समय में वह अस्वच्छ है और अगर वह नहाती भी हैं तब भी स्वच्छ नहीं होंगी।

इसके अलावा कुछ पारंपरिक व धार्मिक सोच भी लड़कियों को पीरियड के समय नहाने से रोकती हैं जबकि मासिक धर्म में महिलाओं को खुद को और ज्यादा सफाया रखने की जरूरत होती है।

इसलिए इस दशा में उन्हें खुद को स्वच्छ रखना चाहिए और रोज नहाना चाहिए तथा स्वस्छ कपड़े पहनने चाहिए।

3. बालों को रोजाना शैंपू करना चाहिए। यह भी एक मिथक है क्योंकि रोजाना बालों में शैंपू करने से बालों में केमिकल्स के कारण नुकसान पहुंचता है इसीलिए बालों को रोजाना शैंपू करना सही नहीं है सप्ताह में दो बार बालों का शैंपू करना चाहिए।

4. बालों में तेल लगाए रखना चाहिए अक्सर यह कहा जाता है कि यदि बालों में तेल लगाए रखें तो बाल झड़ते नहीं है तथा बालों की ग्रोथ अच्छे से होती है।

जबकि बालों में तेल लगाए रखने से उनमें वातावरण के दूषित कण चिपक जाते है जिस वजह से बालों में पसीना आने की समस्या होती है जिससे बालों की जड़ें कमजोर हो जाती हैं और बाल टूटने लगते हैं।

5. बोतलबंद पानी और पैक्ड फूड स्वच्छ और स्वस्थ होता है यह भी एक मिथक है क्योंकि बोतलबंद पानी अस्वस्थ बनाता है जबकि ताजा पानी हमें स्वस्थ रखता है उसी तरह पैक्ड फूड लंबे समय तक बंद रहता है जिससे उसमें पोषक तत्व की कमी हो जाती है।

6. चॉकलेट खाने से पिंपल की समस्या होती है चॉकलेट में चीनी मिली हो तो चॉकलेट के अधिक सेवन से पिंपल की समस्या हो सकती है लेकिन चॉकलेट खाना स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

7. हाथ धोने के लिए गर्म पानी का उपयोग करना चाहिए। जबकि हम किसी भी तरह के पानी से हाथ धो कर खुद को स्वच्छ रख सकते हैं ऐसा जरूरी नहीं है कि गर्म पानी के उपयोग से ही हाथ साफ होंगे।

निष्कर्ष।

हमें होने वाली अधिकतर बीमारियों का कारण अस्वच्छता ही है फिर चाहे किसी भी तरह की बीमारी हो कोई संक्रमण हो या अन्य कोई बड़ी बीमारी है सब का मूल कारण हमारी स्वच्छता का अभाव ही है।

अगर हम खुद को बीमारियों से बचाए रखना चाहते हैं तथा अपने जीवन को सुखमय रूप में स्वस्थ तरीके से जीना चाहते हैं तो हमें अपनी व्यक्तिगत स्वच्छता के साथ-साथ सामाजिक और वातावरण की स्वच्छता को बनाए रखने में योगदान देने की जरूरत है।

आशा है यह जानकारी Health and hygiene in hindi आपके लिए उपयोगी रही।

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