आयुष्मान कार्ड से आईवीएफ कैसे करें? | Kya ayushman card se ivf ho sakta hai?

अगर आपका आयुष्मान कार्ड बना हुआ है और मन में यह सवाल आया है कि क्या Kya ayushman card se ivf ho sakta hai? या क्या फ्री में आईवीएफ हो सकता है? तो आपको बता दें, की आयुष्मान कार्ड से आप फ्री में IVF करा सकते हैं (अगर अंडाणु और शुक्राणु आपके स्वयं के हैं)।

आयुष्मान कार्ड की उपयोगिता:

Kya ayushman card se ivf ho sakta hai
Kya ayushman card se ivf ho sakta hai

आयुष्मान कार्ड की महत्वपूर्ण जानकारी:

Ayushman Card भारत सरकार द्वारा चलाई जाने वाली एक ऐसी स्वास्थ्य योजना है जिसका उद्देश्य है गरीब और जिन लोगों के पास इलाज के लिए पूरे पैसे नहीं होते, ऐसे लोगों को सस्ते में और फ्री में चिकित्सा सेवाएं दिलाना।

आवश्यकता: यह कार्ड उन्हीं के लिए माननीय होता है जिनकी वार्षिक आय 5 लाख से कम होती है यानी जिस परिवार में 5 लाख प्रतिवर्ष की आई नहीं आती ,केवल वही लोग इसका लाभ उठा सकते हैं इसे विशेष कर गरीब लोगों के लिए जारी किया गया है।

लाभ: आयुष्मान कार्ड के कई सारे फायदे मिलते हैं सबसे पहला फायदा तो यही है कि जिन लोगों के पास इलाज के लिए पैसे नहीं होते वह निशुल्क बिना पैसे खर्च किए, किसी भी अस्पताल में (जहां पर आयुष्मान कार्ड मान्य होगा) इलाज ले सकते हैं।

इससे होता यह है कि गरीब लोग भी अपने स्वास्थ्य पर ध्यान दे पाएंगे, और अपनी सेहत को नजर अंदाज न करके सही इलाज ले पाएंगे जिसमें उन्हें पैसों के बारे में सोचने की जरूरत नहीं होगी।

इस योजना के तहत बड़ी-बड़ी बीमारियां और छोटे-छोटे स्वास्थ्य मामलों में फ्री इलाज मिलता है पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए आसपास के अस्पताल से जानकारी लेनी चाहिए।

इस कार्ड को बनवाने के लिए आवेदन करना बहुत आसान है आप इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से बनवा सकते हैं और इसका लाभ उठा सकते हैं।

इस योजना के तहत सरकार द्वारा सामाजिक समानता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। जिससे कि सभी लोगों को अच्छी और एक बेहतर सेवाओं वाली चिकित्सा प्राप्त हो, जो कि हर भारतीय का अधिकार है।

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आईवीएफ क्या है?

आईवीएफ (IVF: In Vitro Fertilization):

IVF एक ऐसी प्रजनन प्रक्रिया है जिसमें अंडाणु और शुक्राणु को महिला व पुरुष के शरीर से निकालकर उन्हें मिलाकर प्रजनन प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है इसमें प्राकृतिक रूप से प्रजनन के उपाय को इस्तेमाल किया जाता है फिर इसे महिला के गर्भ में डाल दिया जाता है यानी बिना यौन संबंध के एक महिला को बच्चा हो सकता है इसी को आईवीएफ कहा जाता है।

कार्य प्रक्रिया: (IVF kaise hota hai?)

अंडाणु संग्रहण (Ovulation Induction):

आईवीएफ को अंजाम देने के लिए सबसे पहले महिला के शरीर से अंडाणु को लेने की आवश्यकता होती है इसके लिए दवाई द्वारा महिला के शरीर में अंडाणु को अच्छे से विकसित किया जाता है फिर उसे महिला के शरीर से निकाल लिया जाता है।

शुक्राणु संग्रहण (Sperm Retrieval):

उसके बाद पुरुष के शुक्राणुओं की जरूरत होती है ताकि अंडाणु और शुक्राणु एक साथ मिलकर एक बच्चे के रूप में बन सके इसके लिए पुरुष का स्पर्म लिया जाता है।

अंडाणु-शुक्राणु मिलावट (Fertilization):

फिर पुराने तरीके से ही पेट्री डिश में अंडाणु और शुक्राणुओं को एक साथ मिलाया जाता है जिससे प्रजनन क्रिया की तरह ही पूरी प्रक्रिया होती है और बच्चे का बनना शुरू हो जाता है।

आसान्तुलन (Embryo Culture):

उसके बाद अगर अंडाणु और शुक्राणुओं को मिलाकर इनकी मिलावट सफल हो जाती है फिर इसे उत्पन्न हुए एम्ब्रियो को विकसित करने के लिए कुल्चा में रखा जाता है।

एम्ब्रियो चयन (Embryo Selection):

एंब्रियो की संख्या और गुणवत्ता के आधार पर सबसे स्वस्थ एंब्रियो को चुना जाता है।

आईवीएफ प्रणाली में प्रत्यारोपण (Intrauterine Transfer):

और उसे औरत के गर्भ में डाल दिया जाता है इसे डालने की प्रक्रिया injection द्वारा की जाती है यानी इंजेक्शन से मां के गर्भ में एंब्रियो को डाल दिया जाता है।

गर्भाधारण (Pregnancy):

अगर सफलतापूर्वक यह प्रक्रिया पूरी हो जाती है तो महिला गर्भधारण कर लेती है और उसके गर्भ में बच्चा विकसित होने लगता है।

IVF का इस्तेमाल तब किया जाता है जब अन्य प्रकार के प्रजनन उपाय असफल हो जाते हैं और एक महिला किसी कारण से मां नहीं बन पाती, (इसमें पुरुष और महिला दोनों में कमी हो सकती है) तो ऐसे में आईवीएफ का सहारा लिया जाता है।

आयुष्मान कार्ड से आईवीएफ कैसे करें?

आयुष्मान केंद्रों से संपर्क: आईवीएफ के लिए आवश्यक नजदीकी आयुष्मान केंद्रों से संपर्क करने के तरीके और प्रक्रिया:

केंद्र की खोज करें:

अगर आप आयुष्मान कार्ड की मदद से आईवीएफ की सुविधा पाना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे पहले आपको आधिकारिक आयुष्मान भर्ती एप्लीकेशन लेनी होगी और उससे भरकर जमा करना होगा, उसके लिए आयुष्मण केंद्र जाना पड़ेगा।

संपर्क जानकारी लें:

जब आप आयुष्मण केंद्र में Application के लिए जाएंगे, तो संपर्क जानकारी के बारे में भी आपको जानकारी लेनी होगी। उसमें आपको अस्पताल से संपर्क के लिए नंबर और ईमेल मिल जाएगा।

चिकित्सा टीम से मिलना:

उसके बाद आपको नंबर और ईमेल द्वारा अस्पताल के बारे में जानकारी लेनी है कि किस अस्पताल में आप आयुष्मान कार्ड से इलाज ले सकते हैं यह बहुत मुश्किल प्रक्रिया नहीं है क्योंकि ज्यादातर अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड मान्य है तो आसपास के अस्पतालों में ही आपको यह सुविधा मिल जाएगी।

फिर आपको hospital में जाकर डॉक्टर से मिलकर IVF की प्रक्रिया के बारे में जानकारी लेनी है उन्हें बताना है कि आप आयुष्मान कार्ड से यह इलाज लेना चाहते हैं और वह आपको सही और सटीक जानकारी इसके बारे में बता देंगे।

चिकित्सक से बात करें और योजना सुनें:

साथ ही डॉक्टर आपकी आईवीएफ की योजना को तैयार करेंगे और आपको बताएंगे कि किस तरह से आपको अपने खान-पान का ध्यान रखना है कौन सी दवाई लेनी है जिससे आप IVF के लिए तैयार रहें, इसमें महिला और पुरुष दोनों के लिए डाइट व दवाई होती है।

खर्च की जानकारी:

चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान चिकित्सक आपको यह भी स्पष्ट रूप से समझाएंगे की IVF की प्रक्रिया कैसे होगी और कितनी बार इसके लिए आपको अस्पताल जाना पड़ेगा। साथ ही from Ayushman card यह इलाज बिल्कुल फ्री में होगा या आपको कुछ खर्च भी करना पड़ेगा यह भी डॉक्टर आपको बता देंगे।

चिकित्सा प्रक्रिया की शुरुआत:

एक बार जब आपकी बात डॉक्टर से हो जाएगी। तो डॉक्टर तैयारियां करना शुरू कर देंगे, आईवीएफ की प्रक्रिया करने के लिए वह पुरुष से शुक्राणु प्राप्त करेंगे और महिला के अंडाणु को लेकर दोनों को मिलाकर महिला के गर्भाशय में स्थापित कर देंगे।

नियमित चेकअप:

लेकिन यहीं पर काम खत्म नहीं हो जाता आपको यह प्रक्रिया करवाने के बाद भी नियमित रूप से अस्पताल में डॉक्टर से जांच के लिए संपर्क में रहना पड़ेगा। डॉक्टर आपको बताएंगे कि किस तरह से आपको नियमित रूप से चेकअप कराने की आवश्यकता होगी।

आईवीएफ की सफलता और संभावनाएं:

सफलता के आंकड़े:

IVF की सफलता की पूरी Guarantee नहीं होती यानी महिला के गर्भ में एंब्रियो को डालने के बाद भी ऐसा हो सकता है कि महिला गर्भवती न हो। और यह प्रक्रिया असफल हो जाए क्योंकि 100% गारंटी नहीं होती की आईवीएफ पूरी तरह से सफल रहेगा।

हां लेकिन ज्यादातर cases में 70% यह है प्रक्रिया सफल रहती है यानी 70% तक डॉक्टर गारंटी देते हैं लेकिन 30% ऐसा होता है कि शायद किसी कारण से महिला गर्भधारण नहीं कर पाती और यह प्रक्रिया काम नहीं करती।

इसके लिए कई चीजे जिम्मेदार होती हैं एक तो जो IVF करा रहे हैं उनकी उम्र अंडाणु शुक्राणुओं की मिलावट करने के बाद उनमें कितना तालमेल बैठता है यह बात भी इसकी सफलता के लिए मायने रखती है।

संभावनाएं:

अगर संभावना की बात करें तो सबसे पहले संभावना के लिए उम्र को जांचा जाता है अगर महिला की उम्र कम है तो आईवीएफ सफल होने के चांसेस बढ़ जाते हैं।

दूसरा होता है पुरुषों के शुक्राणु की गुणवत्ता अगर पुरुषों की शुक्राणु की गुणवत्ता खराब है तो संभावना कम रहती है कि आईवीएफ सफल होगा, लेकिन अगर उनकी गुणवत्ता अच्छी है तो सफलता के चांसेस बढ़ जाते हैं।

FAQs:

Q. क्या आयुष्मान कार्ड होने पर IVF इलाज फ्री में हो जाता है?

हां, Ayushman Card होने पर आप ivf इलाज को फ्री में ले सकते हैं लेकिन इसके लिए एक Condition होती है कि अंडाणु और शुक्राणु आपके स्वयं के होने चाहिए तभी फ्री में यह इलाज मिल सकता है।

Q. भारत में कौन सा सरकारी अस्पताल आईवीएफ प्रदान करता है?

भारत के हर राज्य में आप अस्पतालों में आईवीएफ की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं यह सुविधा आपको सरकारी अस्पतालों में मिलती है भारत के सबसे बड़े hospital AIIMS में भी यह सुविधा उपलब्ध है।

Q. आयुष्मान कार्ड में कौन सी सर्जरी शामिल है?

ग्राफ्टिंग, घाव ड्रेसिंग और आर्थोपेडिक सर्जरी आयुष्मान कार्ड से कराए जाने वाले इलाज में शामिल होती है।

Q. आयुष्मान कार्ड किसका नहीं बन सकता?

Ayushman Card हर किसी का नहीं बन सकता। यह केवल गरीबों के लिए चलाई गई scheme है तो जिन लोगों की वार्षिक तनख्वाह 5 लाख से अधिक है उन्हें आयुष्मान कार्ड बनवाने का अधिकार नहीं है और ना ही उनका यह कार्ड बन सकता है।

Q. सरकारी अस्पताल में आईवीएफ का खर्च कितना है?

सरकारी अस्पताल में अगर आप बिना आयुष्मान कार्ड बनवाए आईवीएफ करवाना चाहते हैं तो इसका खर्चा लगभग 60 से 80 हजार तक का आ सकता है।

Q. भारत में आईवीएफ में बच्चा लड़का होने की संभावना

भारत में आईवीएफ द्वारा बच्चा लड़का होगा या लड़की इसकी जानकारी नहीं दी जा सकती, ऐसा करना गैरकानूनी है।

Q. पीरियड के कितने दिन बाद आईवीएफ होता है?

पीरियड होने के 1 से 2 हफ्ते बाद आईपीसी कराया जा सकता है इस समय महिला के प्रेग्नेंट होने के चांसेस बहुत ज्यादा रहते हैं।

Saniya Qureshi is a Health and Beauty writer, senior consultant and health educator with over 5 years of experience.

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