बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग क्यों होती है?

बच्चेदानी निकालने के बाद कुछ हफ्ते तक ब्लीडिंग होता ही है इसमें घबराना नहीं चाहिए यह सामान्य है। यह ब्लीडिंग पीरियड की तरह ही होता है, और यह भूरे या लाल रंग का हो सकता है।

बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग क्यों होती है?
बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग क्यों होती है?

यह ब्लीडिंग आमतौर पर ऑपरेशन के दौरान चीरा लगाने से होती है। आमतौर पर, यह ब्लीडिंग धीरे-धीरे कम होती जाती है और कुछ समय में खुद ही बंद भी हो जाती है। हालांकि, अगर ब्लीडिंग अधिक है या लंबे समय तक चलती है, तो आपको तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग क्यों होती है?

बच्चेदानी निकालने के बाद रक्तस्राव होने के कई कारण हो सकते हैं। सबसे आम कारणों में शामिल हैं:

सर्जिकल प्रक्रिया के दौरान चोट लगना: बच्चेदानी निकालने के दौरान, गर्भाशय के आसपास के ऊतकों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे ब्लीडिंग हो जाती है।

खून के थक्के बनना: रक्त के थक्के बनना भी रक्तस्राव का कारण हो सकता है।

संक्रमण: यदि बच्चेदानी में संक्रमण हो जाए तब भी रक्तस्राव का कारण बन सकता है।

हार्मोनल परिवर्तन: बच्चेदानी निकालने के बाद, महिलाओं का शरीर रजोनिवृत्ति के समान hormonal changes से गुजरता है। इन बदलावों से योनि से रक्तस्राव हो सकता है।

यदि आपको बच्चेदानी निकालने के बाद रक्तस्राव होता है, तो यह महत्वपूर्ण है कि आप अपने डॉक्टर से परामर्श करें। डॉक्टर ब्लीडिंग होने के कारण का निर्धारण करने में मदद कर सकते हैं।

बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग के लिए इलाज

बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग के लिए इलाज ब्लीडिंग क्यों हो रही है इसके कारण पर निर्भर करता है। सबसे आम कारणों के लिए, उपचार में निम्नलिखित शामिल हो सकते हैं:

अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं या उपचारों पर गौर करना चाहिए।

आराम करें।

बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग होने के बाद बहुत अधिक व्यायाम करने से बचें और आराम ज्यादा करें।

अपने चीरे की देखभाल करें।

बच्चेदानी निकालने के बाद अपने डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार अपने चीरे की सफाई और पट्टी करें।

चिकित्सीय जांच।

यदि बच्चेदानी निकालने के बाद ब्लीडिंग अधिक मात्रा में होती है या यह 7 दिनों से अधिक समय तक रह स्थिति बनी रहती है, तो डॉक्टर से बात करें।

यदि रक्तस्राव के कारण कोई अंतर्निहित स्वास्थ्य प्रोब्लम है, तो उस समस्या का इलाज ब्लीडिंग को रोकने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि रक्तस्राव हार्मोनल परिवर्तनों के कारण हो रहा है, तो हार्मोनल थेरेपी मददगार हो सकती है।

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बच्चेदानी निकालने के बाद क्या प्रॉब्लम होती है?

बच्चेदानी निकालने के बाद होने वाली समस्याएं शारीरिक और भावनात्मक दोनों हो सकती हैं।

शारीरिक समस्याएं

रक्तस्राव और संक्रमण: गर्भाशय निकालने के बाद कुछ दिनों या हफ्तों तक योनि से ब्लीडिंग बनी रहती है और यह संक्रमण का कारण हो सकता है।

दर्द और सूजन: बच्चादानी निकालने के बाद कुछ दिनों या हफ्तों तक पेट में दर्द और सूजन हो सकती है।

रजोनिवृत्ति: यदि गर्भाशय के साथ अंडाशय भी निकाल दिया जाए तो महिला रजोनिवृत्ति का अनुभव कर सकती है। इसके लक्षण में गर्म चमक, रात में पसीना आना, योनि का सूखापन, और यौन इच्छा में कमी शामिल हैं।

पेल्विक अंगों का प्रोलैप्स: गर्भाशय निकालने के बाद, अन्य पेल्विक अंगों, जैसे कि मूत्राशय और आंत, नीचे की ओर खिसक सकते हैं। इससे मूत्र असंयम, कब्ज, और यौन संबंध में समस्याएं हो सकती है।

भावनात्मक समस्याएं

भावनात्मक उथल-पुथल: बच्चेदानी निकालना एक बड़ी सर्जरी है, और गर्भाशय हटाने के बाद महिलाओं में भावनात्मक उथल-पुथल हो सकती है।

इसके कारण औरतें बच्चे पैदा करने की क्षमता खो सकती हैं, प्रजनन क्षमता खो सकती हैं, या अपनी यौन पहचान बदलने के बारे में चिंतित हो सकती हैं।

अवसाद और चिंता: कुछ महिलाओं को गर्भाशय हटाने के बाद अवसाद या चिंता का अनुभव हो सकता है।

इन मानसिक समस्याओं के जोखिम और गर्भाशय हटाने की विधि, महिला की उम्र, और उसकी स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करते हैं।

यदि आपको बच्चेदानी हटाने के बाद कोई समस्या हो रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

बच्चेदानी निकालने के बाद क्या परहेज करना चाहिए?

बच्चेदानी निकालने के बाद, आपको कुछ चीजों से परहेज रखना चाहिए ताकि आप जल्दी से ठीक हो सकें और किसी भी समस्या को रोक सकें। ये परहेज़ इस प्रकार हैं:

भारी काम न करें: आप बच्चेदानी निकालने के लिए सर्जरी के बाद कुछ हफ्तों तक भारी काम नहीं करनी चाहिए, जैसे कि भारी वस्तु उठाना, दौड़ना, या कूदना। इससे आपकी सर्जिकल चीरे में ब्लीडिंग हो सकती है।

तली भुनी चीजें: तली भुनी चीजें पचाने में मुश्किल होती हैं और इससे आपको पेट में दर्द और सूजन हो सकती है।

कैफीन और शराब: कैफीन और शराब का परहेज़ करें यह दोनों चीजें आपके शरीर को ठीक करने की प्रक्रिया को धीमा कर सकती हैं।

धूम्रपान: धूम्रपान न करें क्योंकि यह आपके घावों को ठीक होने में देरी कर सकता है और संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।

प्रोस्टाग्लैंडीन युक्त दवाएँ: प्रोस्टाग्लैंडीन युक्त दवाएँ, जैसे कि एस्पिरिन और इबुप्रोफेन, ब्लीडिंग का कारण बन सकती हैं।

योनि में कुछ भी डालना: बच्चेदानी निकालने के बाद कुछ हफ्तों तक योनि में कुछ भी डालने से बचें, जैसे कि टैम्पोन, डायफ़राम, या योनि स्प्रे। इन चीजों से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

यदि आपको बच्चेदानी निकालने के बाद कोई समस्या हो रही है, तो अपने डॉक्टर से बात करें।

क्या गर्भाशय निकालने के बाद पीरियड्स बंद हो जाते हैं?

हां, गर्भाशय निकालने के बाद पीरियड्स बंद हो जाते हैं। क्योंकि गर्भाशय ऐसा अंग है जहां मासिक धर्म चक्र के दौरान गर्भाशय की परत बनती है और फिर बह जाती है। लेकिन गर्भाशय को निकालने से यह प्रक्रिया बंद हो जाती है।

गर्भाशय निकालने की प्रक्रिया को हिस्टेरेक्टॉमी कहा जाता है। हिस्टेरेक्टॉमी के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:

मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव (मेनोरेजिया)

गर्भाशय में ट्यूमर या अन्य वृद्धि

गर्भाशय या गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर

क्रोनिक पेल्विक दर्द

इंफ्रेट्यूरल गर्भावस्था

यदि आप गर्भाशय निकालने के बारे में सोच रही हैं, तो अपने डॉक्टर से बात करें। वे आपको इस प्रक्रिया के जोखिमों और लाभों के बारे में अधिक जानकारी प्रदान कर सकते हैं।

बच्चेदानी निकालने के बाद सफेद पानी क्यों आता है?

बच्चेदानी निकालने के बाद सफेद पानी आने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे:

योनि का सूखापन: बच्चेदानी निकालने के बाद योनि में सूखापन आ सकता है इसका कारण योनि के स्राव कम हो जाना होता है इसकी वजह से सफेद पानी आने जैसी समस्या हो सकती है।

संक्रमण: शरीर से बच्चेदानी निकालने के कारण योनि में संक्रमण का खतरा रहता है जिस वजह से सफेद पानी आना जैसी दिक्कत हो सकती है।

बच्चेदानी हटाने के बाद, योनि में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इससे सफेद पानी, लालिमा, और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

एलर्जी: योनि में साबुन, स्प्रे, या डिटर्जेंट, उपयोग करने से एलर्जी हो सकती है। इससे सफेद पानी, लालिमा, और खुजली जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

रोग: कुछ बीमारियां, जैसे कि योनि कैंसर या यौन संचारित बीमारी, भी से सफेद पानी आ सकता है।

यहाँ कुछ सुझाव दिए गए हैं जो आपको बच्चेदानी निकालने के बाद सफेद पानी से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं:

  • नियमित रूप से योनि को साफ करें – योनि को साफ करने के लिए केवल गुनगुने पानी का उपयोग करना चाहिए।
  • योनि को सूखा रखें – नहाने या शौचालय जाने के बाद Vagina को अच्छी तरह से सुखा लें।
  • सूती कपड़े पहनें – सूती कपड़े योनि को सूखा रखने में मदद करते हैं।
  • योनि में डिटर्जेंट का उपयोग न करें – योनि में डिटर्जेंट का उपयोग न करें ऐसा करने से जलन और एलर्जी हो सकती है।

बच्चेदानी निकालने के बाद मां बन सकती है?

बच्चेदानी निकालने के बाद कोई औरत गर्भवती नहीं हो सकती है। बच्चेदानी गर्भधारण के लिए आवश्यक है। यह बच्चे को विकसित करने के लिए जगह देने में सहायक होता है।

बच्चेदानी निकालने के बाद, महिलाओं के पास अंडाशय होता है, जो एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन हार्मोन का उत्पादन करते हैं। ये हार्मोन मासिक धर्म और प्रजनन क्षमता के लिए महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, अंडाशय बच्चे को गर्भधारण और जन्म देने में सक्षम नहीं हैं।

गर्भाशय या बच्चेदानी को निकालने के बाद महिलाएं सेरोगेसी के जरिए या फिर बच्चों को गोद लेने के माध्यम से मां बन सकती है खुद बच्चे को जन्म नहीं दे सकती।

अगर आपने बच्चेदानी निकलवा दी है और आप मां बनने के बारे में निर्णय लेना चाहती हैं तो ऐसी महिलाओं को पहले डॉक्टर से बात करनी चाहिए और डॉक्टर की पता है अनुसार सही विकल्प सही विकल्प चुनना चाहिए।

Saniya Qureshi is a Health and Beauty writer, senior consultant and health educator with over 5 years of experience.

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