Khush rehne ke liye kya kare | खुश कैसे रहें?

Khush rehne ke liye kya kare : खुशी हमारे मन की भावना होती है। अगर हम चाहे तो खुश रह सकते है पर अगर हम खुश नहीं रहते तो उसमें भी हमारी ही गलती है। क्योंकि दूसरे लोग सिर्फ़ प्रयास कर सकते हैं हमें दुखी करने का।

Khush rehne ke liya kya kare
Khush rehne ke liya kya kare

लेकिन उस प्रयास को सफल होने देना है या असफल बनाना है इसकी पूरी Power हमारे पास होती है अतः जब तक हम न चाहे हमें कोई भी दुखी नहीं कर सकता।

खुश होने के लिए – अपनी समस्याओं के लिए दूसरों को जिम्मेदार न ठहराएं

Khush rehne ke liye kya kare | खुश कैसे रहें?

• हमारी समस्याओं के ज़िम्मेदार हम खुद होते हैं। क्योंकि हम जैसा Action लेते हैं हमें उसी के According Reaction मिलता है। अगर हम पॉजिटिव रहेंगे तो जिंदगी सकारात्मक बनेगी।

• परंतु अगर हम नकारात्मक सोचते हैं या नकारात्मक काम करते हैं। तो हमारी लाइफ़ भी नकारात्मक बनती है। ऐसे में कई तरह की समस्याएं हमें घेर लेती हैं।

• उन समस्याओं का समाधान करने के बजाए हम डर जाते हैं और किसी तरह से समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए भागते रहते हैं।

• जबकि अगर हम डट कर उन समस्याओं का समाधान करें उनका सामना करें, तो हम अपने सभी दुखों को दूर कर सकते हैं।

• आज के समय में Happiness एक महत्वपूर्ण मसला बना हुआ है। जिसे पाने के लिए लोग अपना पूरा जीवन struggle करने में बिताते रहते हैं।

• हम वास्तविकता में खुशियों का अनुभव इसलिए नहीं कर पाते क्योंकि हम अपनी खुशी की वज़ह किसी और को बना लेते हैं।

• लेकिन ऐसा करने से हमारे इमोशन दूसरों के कंट्रोल में चले जाते हैं। जिस वजह से हम अपने पर काबू नहीं रख पाते। तथा अपने दुखों का निवारण करने में सक्षम नहीं होते।

• इसके अलावा कुछ लोग अपने लक्ष्य को अपनी खुशी बनाते हैं, कुछ किसी व्यक्ति को, वहीं कुछ लोग ख़ास पल का इंतजार करते हैं। जिसमें वह खुश होंगे।

• खुशियां किसी कारण से आपको मिलेंगी यह सोचना गलत है। क्योंकि मान ले हमें किसी कारण से खुशियां मिल भी गई तो क्या होगा जब वह कारण खत्म हो जाएगा तो हमारी खुशियां भी खत्म हो जाएंगी।

पर हमें ऐसी खुशियां चाहिए जो बिना कारण मिलें जिसे हम हर पल महसूस कर सकें, और हर पल हम अपनी लाइफ में खुशियों का वातावरण जी पाएं।

खुशी का सबसे बड़ा मंत्र अकेलापन है। जब हम अकेले होते हैं तो हमें किसी को खोने का डर नहीं होता। इस स्थिति में व्यक्ति खुद से प्यार करता है।

• अपनी बातें खुद से शेयर करता है। खुद को अपना फ्रेंड मानता है ऐसा करने से किसी के पास हमें upset करने की वजह नहीं रहती।

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• जब हम किसी कारण को अपनी खुशी बना लेते हैं। तो हम चाहते हैं कि कोई एक particular वजह हमें खुशी देंगी। इस तरह हम खुश नहीं रह सकते।

• क्योंकि हम दूसरों से उम्मीद लगाए रखते हैं। हमें किसी दूसरे को इतना मौका ही नहीं देना चाहिए। कि वह हमारा दिल तोड़ सके, हमें दुखी कर सके।

• Generally क्या होता है कि हम इसलिए ज्यादा दुखी होते हैं कि किसी ने मेरे साथ गलत किया है। या किसी ने मुझे धोखा दे दिया है मुझे कोई प्यार नहीं करता, मेरी कोई फिक्र नहीं करता, मेरी वैल्यू ही नहीं है, यह सभी points हमारे दुख का सबसे बड़ा कारण बनते हैं।

• ऐसे में हम निराश हो जाते हैं। हमारे चारों तरफ negative wives आने लगती है हम यह सोचते हैं कि अब हमारी जिंदगी में कुछ नहीं बचा है। ऐसे में व्यक्ति स्ट्रेस लेने लगता है और धीरे-धीरे डिप्रेशन की तरफ चला जाता है।

• इसका समाधान यह है। कि किसी से उम्मीद न रखें। जब हम सारी उम्मीदें खुद से रखते हैं, तो हमें पता होता है कि‌ उन्हें पूरा भी हमें ‌‌ही करना है

पर जब हम दूसरों से उम्मीद लगाए रखते हैं तो हमें यह पता नहीं होता कि वह हमारी उम्मीद कब तोड़ देंगे।

• जिस वजह से हमारी लाइफ आउट ऑफ कंट्रोल हो जाती है। हमारे हाथों में नहीं रहती और मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता।

खुद से उम्मीद रखो और उन्हें पूरा करते चले जाओ। ऐसा करते हुए आप एक satisfied लाइफ जी सकते हैं।

हंसी और खुशी दोनों में अंतर होता है?

हंसी एक अवसर के लिए होती है जब हमें अच्छा लगता है तो हम हंसते हैं पर टाइम बीतने पर हंसी भी खत्म हो जाती है। पर ख़ुशी हमारी आत्मा से जुड़ी हुई होती है।

जो हमेशा के लिए हमारे साथ भी रहती है जिसे हम create कर सकते हैं, बढ़ा सकते हैं, और जिंदगी में अपनी लाइफस्टाइल का हिस्सा बना सकते हैं। खुशी को जाहिर करने का एक ज़रिया हंसी होता है हंसी सिर्फ एक जरिया है जो हमारी खुशी को प्रकट करता है।

खुशी हमें यह समझाती है कि क्या वाकई‌ (really) हम सही हैं। और हमें अपनी जिंदगी कितनी अच्छी बनानी है।

क्या वाकई हम ख़ुश हैं जब हम अपनी आत्मा से खुश होते हैं तो हमें किसी भी अन्य चीज़ की जरूरत नहीं होती और यह खुशी वाकई में एक रियल खुशी होती है।

दो तरह के व्यक्ति होते हैं:

• एक तो वे लोग होते हैं जो अपनी खुशियों के लिए दूसरों पर डिपेंड होते हैं उनकी खुशियों का कारण दूसरे लोग बनते हैं।

• जब वे लोग उनका साथ छोड़ देते हैं तो वे अपने जीवन से निराश हो जाते हैं और उन्हें लगता है कि उनकी सभी खुशियां उन लोगों के साथ चली गई हैं।

• दूसरी तरह के ऐसे लोग होते हैं जो अपनी ख़ुशी की वजह खुद को मानते हैं। खुशियां अपने अंदर से फील करते हैं, और हमेशा satisfied लाइफ़ जीते हैं।

• संसार के सच को समझ चुके होते हैं। हमारे पास हर तरह की शक्ति होती है। हम कुछ भी कर सकते हैं तो खुद को खुश क्यों नहीं कर सकतें।

यह हमारे लिए बहुत आसान है कि हम किसी अन्य के बिना अपनी जिंदगी में खुश रह सकते हैं।

• खुशियों को जीने के लिए अपने-अपने तरीके होते हैं। हर कोई अपनी point of view से अपनी खुशियों को ढूंढता है।

अगर हमें वाकई खुशियों से भरी जिंदगी जीनी है तो हमें अपनी लाइफ स्टाइल में कुछ चेंज करने होंगे।

अपनी खुशियों की वजह दूसरों को नहीं सिर्फ खुद को बनाएं

खुद को Encourage करें। कि आप हमेशा खुश रहते हैं हमेशा सकारात्मक पॉइंट्स पर ध्यान दीजिए।

यह मत सोचिए कि किसी पर्टिकुलर समय में मुझे खुशियां मिलेंगी। जैसे अपना लक्ष्य पाकर मैं एक अच्छी लाइफ जी पाऊंगा और खुश रहूंगा।

यह हमारा भ्रम होता है क्योंकि जब हम कोई चीज़ पा लेते हैं। तो हमें उस चीज़ की वैल्यू नहीं होती और हम सच्ची खुशी feel नहीं कर पाते हैं।

हम पहले तो Gaol बना लेते हैं कि हमें यह चीज़ चाहिए और यह चीज़ मिलने के बाद हम अपनी जिंदगी में Satisfied हो जाएंगे।

हमें वह चीज़ मिल जाती है कुछ समय लिए हमें अच्छा महसूस होता है लेकिन कुछ Time बाद फिर हमें खुशियों की ज़रूरत होती है। और हमें समझ आता है कि हमारा गोल हमारे लिए कभी खुशी थी ही नहीं।

समझने वाली बात यह है कि किसी भी चीज़ से खुशियां नहीं मिल सकती। अपनी खुशियों को हमें खुद Create करना पड़ता हैं।

आज में खुशियों को महसूस करें।

• मैं हूं यह दोनों शब्द बहुत पावरफुल होते हैं जब हम” मैं हूं” किसी भी अपनी इच्छा को पाने के लिए use करते हैं। तो चीजें हमें मिल ही जाती है। कितना टाइम लगता है हमारी ज़रूरत पर dependent करता है। कि हमें कब चाहिए।

• जितना जल्दी आप पाना चाहते हो, उतने विश्वास के साथ अपने विचारों को ज़ाहिर करिए। और आप देखेंगे कि कुछ ही समय में आपकी इच्छा पूरी हो जाएगी।

• I AM या मैं हूं। किसी भी language में इन दोनों को ट्रांसफर करें यह दोनों word हमेशा पावरफुल होते हैं।

अगर आप अपनी जिंदगी में कुछ भी कितना भी बड़ा पाना चाहते हैं। तो आप पा सकते हैं आपको सिंपली रोज़ प्रैक्टिस करनी है उस चीज़ के साथ जो आप चाहते हो इन शब्दों को यूज़ करके।

• उदाहरण अमीर बनना चाहते हो तो daily आपको प्रैक्टिस करनी है, मैं अमीर हूं। हेल्थ चाहते हैं तो आपको रोज़ बोलना है मैं हेल्थी हूं। ऐसे ही अगर आप ब्यूटी चाहते हैं तो आपको मैं ब्यूटीफुल हूं, कहना है।

• इस तरह से अगर आप रोज़ सुबह उठते ही और रात को सोने से पहले एक दो महीने अभ्यास करेंगे। तो आपकी सारी इच्छाएं आपको पूरी होती नज़र आने लगेंगी।

• चमत्कारी शब्द आपको वह हर चीज़ दिलाने के लिए तैयार रहते हैं जो आप चाहते हो।

• खुशी हर कोई पाना चाहता है। हर कोई अपने दुखों से दूर रहना चाहता है।लेकिन यह संसार का नियम है कि कोई भी चीज़ इतनी आसानी से नहीं मिलती हर चीज़ के दो पहलू होते हैं।

• अगर आपको खुशियां चाहिए तो उसके साथ दुख भी मिलते हैं। जैसे दिन है तो रात भी है।

• लेकिन जिंदगी की एक बहुत बड़ी सच्चाई है कि आप कभी भी किसी एक ही Situation में पूरी जिंदगी नहीं बिता सकते। अगर आप अब दुखी हैं, तो कुछ समय बाद आपको खुशियां मिलेंगी।

• अगर आप खुश हैं ऐसा नहीं है कि खुशियां हमेशा रहेंगी। आपको दुखो का सामना भी करना पड़ेगा यह जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाई है।

• जिंदगी इतनी आसानी से खुशियां नहीं देती। उसके लिए हमें पहले जिंदगी को बेहतर करना पड़ता है। तो आप अपनी जिंदगी में अपनी आदतों को बदलना शुरू कर दीजिए। ताकि आपकी आदतें आपकी जिंदगी बदल दें।

• विश्वास रखें, कि आपको हर पल हर क्षण किसी भी सिचुएशन में अपने अंदर से खुशी महसूस हो रही है।

• यह ऐसी भावना है। जो आपको कभी निराश नहीं होने देती आपकी जिंदगी के हर पल को ख़ूबसूरत बनाती हैं।

खुशियां पाने के कुछ तरीके (Tips for live happy in hindi)

✓खुशमिज़ाज लोगों के साथ समय बिताएं।

✓दूसरों की बुराई न करें।

✓माफ करना सीखिए खुद को भी व दूसरों को भी।

✓खुले वातावरण में कुछ समय बिताइए।

✓जिंदगी को काटना नहीं जीना सीखें।

✓खुद पर विश्वास रखिए कि आप कुछ भी कर सकते हैं।

✓अपनी हॉबी पर रोज काम करिए।

✓मोटिवेशनल बुक पढ़े।

✓खुशियों के बहाने को अपनाएं दुख तो बिना बताए आ जाते हैं।

✓अपने लक्ष्य के लिए काम करते रहें।

✓यह ठान लो कि आपको खुश रहना है।

✓म्यूजिक सुनने की आदत बनाइए।

✓अपने वर्तमान में रहें।

✓दूसरों की तारीफ कीजिए।

✓सकारात्मक सोचिए।

✓हेल्दी रहें।

✓खुश रहो क्या पता कल हो ना हो

✓अपने बाहरी look को बेहतर बनाएं।

✓हेल्दी लाइफ़स्टाइल अपनाएं।

✓दूसरों को बदलने में अपना टाइम ज़ाया करने की बजाय खुद की आदतों को बदलिए।

✓ऐसे लोगों के साथ रहें जो आप को प्रेरित करें।

Self disciplined रहें।

self discipline self love है। इसलिए स्वस्थ रहने के लिए

✓रोज़ाना कम से कम 15 मिनट मेडिटेशन करें।

✓अपनी स्किन का ध्यान रखें।

✓पूरी नींद ले।

✓कोई काम पेंडिंग में न छोड़े।

✓किसी भी चीज़ के साथ कॉम्प्रोमाइज न करें। सही अपनाएं।

खुशी का मतलब सकारात्मक भावनाओं से युक्त जीवन जीना है। जो आपके भीतर से उत्पन्न होती है जिसे सिर्फ आप क्रिएट कर सकते हैं। और अपनी खुशियों को बढ़ा भी सकते हैं।

खुशियां व्यक्ति की सद्भावना है। जिसे पाया नहीं जाता सिर्फ महसूस किया जा सकता है। क्योंकि इसका कनेक्शन हमारे मन से होता है जिसे सिर्फ अंतरात्मा से ही महसूस किया जा सकता है।

अपनी खुशी को अपने अंदर से महसूस कीजिए। बिना कारण के जिंदगी को खुशनुमा बनाइए।

आशा है आपको यह आर्टिकल Khush rehne ke liye kya kare? – खुश रहने के लिए क्या करें। पसंद आया होगा।

Thank you for reading.

Saniya Qureshi is a Health and Beauty writer, senior consultant and health educator with over 5 years of experience.

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